
A | संवाद सूत्र, अलीगंज (जमुई)। Bihar News बिहार के जमुई में चंद्रदीप थाना क्षेत्र के इस्लामनगर दुर्गा मंदिर के समीप बुधवार अल सुबह शौच कर लौट रहे बंगाली मांझी के पुत्र नरेश मांझी पर पड़ोसियों ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। भूत-प्रेत के अंधविश्वास में यह हमला किया गया। हमले में नरेश मांझी गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही बेहोशी की अवस्था में गिर पड़े। स्वजन ने उन्हें स्वास्थ्य केंद्र अलीगंज लाया गया, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए जमुई रेफर कर दिया गया। सदर अस्पताल में इलाज के बाद नरेश मांझी को चिकित्सकों ने पटना रेफर कर दिया है।,स्वजन ने मारपीट का आरोप लाटो मांझी और उसके भांजे जगत मांझी सहित अन्य लोगों पर लगाया है। घायल नरेश मांझी के भाई दिनेश मांझी ने बताया कि एक साल पूर्व उन्होंने रज्जू मांझी को कुछ जमीन बेची थी। मंगलवार की शाम बीमारी के कारण रज्जू मांझी की मौत हो गई। इसे लेकर लाटो मांझी और उसके भांजे जगत मांझी सहित अन्य लोगों द्वारा द्वारा झगड़ा किया गया और धमकी भी दी गई। उनका का आरोप था कि जिस जमीन को रज्जू मांझी ने खरीदा है, उस जमीन पर भूत-प्रेत का साया है।,इन्हीं भूत-प्रेतों के कारण रज्जू मांझी की मौत हुई है। इसी रंजिश में अल सुबह जब नरेश मांझी शौच कर वापस अपने घर लौट रहे थे तो गांव के ही दुर्गा मंदिर के समीप उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि नरेश मांझी झाड़-फूंक का काम भी करते थे। कुछ दिनों पूर्व उन्होंने रज्जो मांझी के बीमार पड़ने पर उनके साथ भी झाड़-फूंक की थी। लोग इसे भी घटना के कारण से जोड़कर देख रहे हैं।,
घटना की जानकारी मिली है। घायल नरेश मांझी का उपचार चल रहा है। फिलहाल, वह कुछ बोलने की स्थिति में नहीं हैं। स्वजन द्वारा आवेदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - राजेंद्र साह, थानाध्यक्ष, चंद्रदीप।अंधविश्वास की घटनाएं समाज में जहर घोलने का काम कर रही हैं। लोग विज्ञान और चिकित्सकों की बात ना मानकर सुनी-सुनाई बातों को लेकर उग्र हो रहे हैं। कहीं डायन के आरोप में महिलाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है तो कहीं मरीजों की झाड़-फूंक में मौत हो रही। ऐसी घटनाओं में कहीं-कहीं ओझा भी निशाने पर आ जाते हैं। कुछ माह पूर्व पूर्णिया में डायन के आरोप में एक ही परिवार के पांच लोगों को जिंदा जला दिया गया था। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए समाज को जागरूक होने की आवश्यकता है।,

B | 注:闰秒由国际计量局(BIPM)于 1972 年引入,截至目前已修改 27 次,目的是让世界协调时(UTC)与地球自转速度逐渐减慢相匹配。协调世界时(UTC)基于用原子振动实现的高精度原子钟来确定,成为 1 秒长度的标准。不过由地球自转时间决定的 1 天长度会发生不规则变化,因此会产生偏差。地球的自转速度根据潮汐涨落以及地球内部地核运动而波动。

C | 地球的一天即地球自转一圈,大约需要 86,400 秒。闰秒的作用就是调整与原子钟的偏差,当偏差累积即将超过 0.9 秒时,就会在一天中增加 1 秒。

D | 闰秒需要经常性修改,会导致混乱,而引入闰时后数百年内无需修改。
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Published on:12:42:09